2019 मारुति सुज़ुकी ऑल्टो K10 में 998cc पेट्रोल इंजन मिलता है। इसमें वेरिएंट के अनुसार मैनुअल और AMT गियरबॉक्स विकल्प उपलब्ध थे। पुरानी कार खरीदते समय उसकी सर्विस हिस्ट्री, निर्माण का महीना, सेफ्टी फीचर्स और गियरबॉक्स की स्थिति जाँचना जरूरी है। मॉडल की जानकारी
2019 मारुति सुज़ुकी ऑल्टो K10: पुरानी कार खरीदने से पहले जानें जरूरी बातें
2019 मारुति सुज़ुकी ऑल्टो K10 एक छोटी हैचबैक है, जो उस समय पेट्रोल और चुनिंदा CNG वेरिएंट में उपलब्ध थी। यह 2014–2020 वाली पीढ़ी का मॉडल है। इसलिए इसकी जानकारी देखते समय मौजूदा नई ऑल्टो K10 के फीचर्स और माइलेज से इसे अलग समझना जरूरी है। CarTrade का मॉडल विवरण
इंजन और गियरबॉक्स
इस मॉडल में 998cc का पेट्रोल इंजन मिलता है, जिसकी पावर लगभग 67 bhp है। वेरिएंट के अनुसार मैनुअल या AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता था। AMT को मारुति Auto Gear Shift यानी AGS नाम से भी पेश करती थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| इंजन क्षमता | 998cc |
| पेट्रोल इंजन की पावर | लगभग 67 bhp |
| गियरबॉक्स विकल्प | मैनुअल और AMT |
| फ्यूल विकल्प | पेट्रोल और चुनिंदा CNG वेरिएंट |
| बॉडी टाइप | हैचबैक |
वेरिएंट के अनुसार विवरण बदल सकते हैं। मॉडल और वेरिएंट सूची।
2019 ऑल्टो K10 कितना माइलेज देती है?
इस पीढ़ी के कुछ पेट्रोल वेरिएंट के लिए 24.07 किमी/लीटर का प्रमाणित माइलेज दर्ज है। सही आंकड़ा संबंधित वेरिएंट के अनुसार देखें। वेरिएंटवार माइलेज
पुरानी कार से वही माइलेज मिलने की गारंटी नहीं होती। इंजन की हालत, ट्रैफिक, एसी का इस्तेमाल, टायर प्रेशर और ड्राइविंग का तरीका वास्तविक खपत पर असर डालते हैं। केवल विक्रेता के बताए माइलेज के आधार पर फैसला करने के बजाय सर्विस रिकॉर्ड और टेस्ट ड्राइव को भी महत्व दें।
2019 मॉडल में सेफ्टी फीचर्स क्यों जाँचना जरूरी है?
अप्रैल 2019 में ऑल्टो K10 के सेफ्टी उपकरण अपडेट किए गए थे। उस समय की रिपोर्ट के अनुसार, अपडेट में ABS के साथ EBD, रियर पार्किंग सेंसर, स्पीड अलर्ट और सीटबेल्ट रिमाइंडर शामिल किए गए। Overdrive की अप्रैल 2019 रिपोर्ट
इस वजह से केवल “2019 रजिस्टर्ड” लिखा होना पर्याप्त नहीं है। निर्माण का महीना, सटीक वेरिएंट और कार में वास्तव में मौजूद एयरबैग व अन्य उपकरण जाँचें। पुराने स्टॉक की गाड़ी बाद में भी रजिस्टर हो सकती है।
सेकंड हैंड ऑल्टो K10 की कीमत कैसे तय करें?
2019 मॉडल की एक निश्चित कीमत बताना सही नहीं होगा। एक ही साल की दो कारों का मूल्य उनकी स्थिति के कारण अलग हो सकता है। तुलना करते समय ये बातें देखें:
- कार कितने किलोमीटर चली है और सर्विस रिकॉर्ड उससे मेल खाते हैं या नहीं।
- कितने मालिक रहे हैं और दुर्घटना या बड़ी मरम्मत का इतिहास क्या है।
- मैनुअल, AMT या CNG में कौन सा वेरिएंट है।
- टायर, बैटरी, क्लच और सस्पेंशन पर तुरंत कितना खर्च आने वाला है।
- उसी शहर में समान वेरिएंट और स्थिति वाली कारों की माँगी गई कीमत क्या है।
ऑनलाइन विज्ञापन में दिखाई देने वाली रकम विक्रेता की माँग होती है; जरूरी नहीं कि सौदा उसी कीमत पर हो।
टेस्ट ड्राइव में क्या देखें?
इंजन को ठंडा होने पर स्टार्ट करके असामान्य आवाज, धुआँ और चेतावनी लाइट देखें। एसी चलाकर भी कार चलाएँ। मैनुअल वेरिएंट में क्लच और गियर बदलने की स्थिति जाँचें। AMT में आगे-पीछे चलाते समय अत्यधिक झटके, गियर लगने में असामान्य देरी या चेतावनी संकेत पर ध्यान दें।
कार पसंद आने पर स्वतंत्र मैकेनिक से निरीक्षण कराएँ। उसके बाद खरीद मूल्य में शुरुआती सर्विस और जरूरी मरम्मत का खर्च जोड़कर अपना कुल बजट तय करें।